MP News: अब प्रदेश में स्थानीय विश्वविद्यालयों से होगी नर्सिंग और पैरामेडिकल की पढ़ाई


दोनों विधेयकों को सदन ने पारित किया। इसके अतिरिक्त जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम 1974 को वापस लेने संबंधी संकल्प को अनुमति भी दी गई। संसद में जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम संशोधन विधेयक पारित हो चुका है। इसके पक्ष में विधान सभा द्वारा संकल्प पारित कर इसे वापस लेने की अनुमति दी गई।

By Paras Pandey

Publish Date: Tue, 13 Feb 2024 06:59 PM (IST)

Updated Date: Tue, 13 Feb 2024 06:59 PM (IST)

MP News: अब प्रदेश में स्थानीय विश्वविद्यालयों से होगी नर्सिंग और पैरामेडिकल की पढ़ाई
नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रम अब स्थानीय विश्वविद्यालय करेंगे संचालित

भोपाल, (राज्य ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कुलपति अब कुलगुरु कहलाएंगे। विधानसभा में मंगलवार को मध्य प्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम में इस आशय के संशोधन को सर्वसम्मति से सहमति दी। वहीं, नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रम अब मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के स्थान पर स्थानीय विश्वविद्यालयों द्वारा संचालित किए जाएंगे। विधानसभा में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया।

विवि और प्रदेश विवि संशोधन विधेयक पारित

उन्होंने कहा कि जिस तरह से प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों का विस्तार हो रहा है, उसे देखते हुए यह आवश्यक हो गया था कि आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय चिकित्सा, दंत चिकित्सा, आयुर्वेद एवं अन्य विषयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित करे। नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रम संचालित करने वाली संस्थाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। छात्र भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं, इसलिए इनकी मान्यता और गुणवत्ता युक्त शिक्षा की जिम्मेदारी स्थानीय विश्वविद्यालय उठाएं।

इसी तरह उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया, जिसमें कुलपति को कुलगुरु कहने और विश्वविद्यालयों के क्षेत्राधिकार का पुनर्निर्धारण किया गया। इसके तहत अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की सीमा में अब रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मैहर और मऊगंज, पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय शहडोल की सीमा में शहडोल, उमरिया और अनूपपुर, महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की सीमा में छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पन्ना, रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय की सीमा में सागर और दमोह जिले में आने वाले कॉलेज आएंगे।

दोनों विधेयकों को सदन ने पारित किया। इसके अतिरिक्त जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम 1974 को वापस लेने संबंधी संकल्प को अनुमति भी दी गई। संसद में जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम संशोधन विधेयक पारित हो चुका है। इसके पक्ष में विधान सभा द्वारा संकल्प पारित कर इसे वापस लेने की अनुमति दी गई।



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