MP News: सड़क के गड्ढों की निगरानी के लिए हाईटेक व्यवस्था, एप पर फोटो भेजें सुधार तत्काल होगा


नियत समय सीमा में सड़क सुधार कर संबंधित यंत्री सुधार कार्य का फोटो पुनः मोबाइल एप से अपलोड करेंगे, इसकी सूचना संबंधित नागरिक को भी मिलेगी। राज्य स्तर से शिकायतों की निगरानी एवं निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। विधानसभा में इसकी जानकारी लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने दी।

By Paras Pandey

Publish Date: Tue, 13 Feb 2024 10:00 PM (IST)

Updated Date: Tue, 13 Feb 2024 10:00 PM (IST)

MP News: सड़क के गड्ढों की निगरानी के लिए हाईटेक व्यवस्था, एप पर फोटो भेजें सुधार तत्काल होगा
प्रदेश की 96 सड़कों पर टोल से वसूले 7,571 करोड़, 6,953 की हुई मृत्यु

भोपाल, (राज्य ब्यूरो)। प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग अब निगरानी की हाईटेक व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके लिए ‘पॉटहोल रिपोर्टिंग सिटीजन मोबाइल एप’ जल्द आरंभ होगा। इस एप के माध्यम से आम नागरिक अपने मोबाइल से गड्ढों की जियोटैग्ड फोटो भेज सकेंगे। गड्ढों का फोटो जीपीएस लोकेशन के साथ संबंधित कार्यपालन यंत्री को प्राप्त होगा।

नियत समय सीमा में सड़क सुधार कर संबंधित यंत्री सुधार कार्य का फोटो पुनः मोबाइल एप से अपलोड करेंगे, इसकी सूचना संबंधित नागरिक को भी मिलेगी। राज्य स्तर से शिकायतों की निगरानी एवं निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। विधानसभा में इसकी जानकारी लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने दी।

उन्होंने बताया कि निश्चित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करके फिर वापस से उसकी फोटो अपलोड नहीं करने वाले इंजीनियरों पर कार्रवाई भी की जाएगी। इससे आने वाले समय में सड़कों के गड्ढों को लेकर जो शिकायतें हैं, उनमें कमी आएगी और आम लोगों की भागीदारी सीधे तौर पर सरकार और विभाग के साथ होगी।

प्रदेश की 96 सड़कों पर टोल से वसूले 7,571 करोड़

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने पंकज उपाध्याय और प्रताप ग्रेवाल के प्रश्न के उत्तर में बताया कि प्रदेश की 96 सड़कों पर टोल टैक्स से अब तक 7,571 करोड़ रुपये का टोल टैक्स वसूला गया है। कई सड़कों की लागत से अधिक की वसूली टोल टैक्स से हो चुकी है। इन सड़कों पर 22 हजार 797 दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 23 हजार 714 लोग घायल हुए तो 6,953 की मृत्यु हुई। प्रश्नकाल में टोल टैक्स की वसूली का मुद्दा विधायक पंकज उपाध्याय ने उठाया।

उन्होंने कहा कि जिस तरह से वसूली हो रही है, उससे लगता है कि सरकार जनता के लिए नहीं, ठेकेदारों के लिए है। भोपाल, सीहोर, देवास मार्ग की लागत 426 करोड़ रुपये थे और अब तक एक हजार 342 करोड़ रुपये वसूल किए जा चुके हैं। इस मार्ग पर दुर्घटनाओं में 281 लोगों की मृत्यु हुई। ऐसे ही लेबड़ जावरा मार्ग की लागत 426 करोड़ थी और एक हजार 826 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। इस मार्ग पर दुर्घटना में 323 लोगों का निधन हुआ।

जावरा-नया गांव मार्ग की लागत 425 करोड़ रुपये थी और दो हजार 69 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। यहां दुर्घटनाओं में 444 लोगों की मृत्यु हुई है। इसके बाद भी न तो ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई की गई और यदि निर्माण दोषपूर्ण है तो अधिकारियों के विरुद्ध भी कोई कदम नहीं उठाया गया। प्रतिवर्ष 10 से 15



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