Weather of MP: मध्य प्रदेश में रीवा-जबलपुर समेत 20 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट


MP Weather News मौसम विभाग का मानना है कि शहडोल, जबलपुर एवं रीवा संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। उत्तर भारत के पहाड़ों से मैदानों की तरफ सर्द हवाएं चलने से फिर मप्र में रात के तापमान में कुछ गिरावट होने लगेगी।

By Neeraj Pandey

Publish Date: Tue, 13 Feb 2024 10:50 PM (IST)

Updated Date: Tue, 13 Feb 2024 10:59 PM (IST)

Weather of MP: मध्य प्रदेश में रीवा-जबलपुर समेत 20 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
मध्य प्रदेश में जबलपुर रीवा समेत 20 जिलों में बारिश की संभावना बरकरार

HighLights

  1. प्रदेश में जबलपुर रीवा समेत 20 जिलों में बारिश की संभावना बरकरार
  2. कई जिलों में ओले गिरने का भी अलर्ट
  3. कटनी में ओले गिरने से फसलों को पहुंचा नुकसान

टीम नईदुनिया, भोपाल। पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है। इसके अतिरिक्त अलग-अलग स्थानों पर बनी तीन मौसम प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश के पूर्व क्षेत्र में रुक-रुककर वर्षा होने के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो रही है। प्रदेश के बाकी क्षेत्र में आंशिक बादल बने हुए हैं। इस वजह से रात के तापमान में बढोतरी होने लगी है। इसी क्रम में मंगलवार को प्रदेश के सभी शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।

गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक सीधी में 8.2, उमरिया में 5.6, जबलपुर में 5.3 एवं रीवा में 1.4 मिलीमीटर वर्षा हुई। कटनी में ओले गिरे। मौसम विभाग का मानना है कि शहडोल, जबलपुर एवं रीवा संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने की वजह से बुधवार से फिर सिहरन बढ़ने के आसार हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अशफाक हुसैन ने बताया कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के आसपास बना हुआ है। उसके प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी होने लगी है। उधर, दक्षिणी गुजरात पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात अब भी बना हुआ है। पश्चिमी विदर्भ एवं मराठवाड़ा पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात मौजूद है।

अधिकतर शहरों में बने हुए हैं बादल

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि हवाओं के साथ नमी आने के कारण प्रदेश के अधिकतर शहरों में बादल बने हुए हैं। इस वजह से न्यूनतम तापमान बढ़ने लगा है। बुधवार को पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने के बाद हवाओं का रुख फिर उत्तरी होने लगेगा। उत्तर भारत के पहाड़ों से मैदानों की तरफ सर्द हवाएं चलने से फिर मप्र में रात के तापमान में कुछ गिरावट होने लगेगी। हालांकि, अब प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ने की उम्मीद कम ही है।

गाड़ियों के शीशे फूटे

कटनी पूरा शहर मंगलवार की सुबह चार बजे जाग गया। अचानक मौसम का रुख बदला। पहले तेज बारिश शुरू हुई, फिर चने से लेकर बेर के आकार के ओलों की बरसात शुरू हो गई। 10 मिनट से अधिक समय गिरे ओले सड़कों और छतों पर बिछ गए। कई स्थानों पर घरों के सामने खड़ी कारों के शीशे चटकने की भी खबर है।

सीधी और रीवा में भी वर्षा

सीधी मुख्यालय सहित आसपास के अनेक गांवों में अलसुबह लगभग साढ़े तीन बजे तेज आंधी के साथ 20 मिनट तक वर्षा हुई। जबकि, रीवा जिले में सुबह लगभग चार बजे 15 मिनट तेज रफ्तार में वर्षा हुई। कृषि विज्ञानी डा. आरपी जोशी का कहना है कि यह पानी गेहूं के लिए तो लाभदायक है, लेकिन दलहन और तिलहन की फसलों को नुकसान हो सकता है।

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    पत्रकारिता के क्षेत्र में डेस्क और ग्राउंड पर 4 सालों से काम कर रहे हैं। अगस्त 2023 से नईदुनिया की डिजिटल टीम में बतौर सब एडिटर जुड़े हैं। इससे पहले ETV Bharat में एक साल कार्य किया। लोकसभा और उत्तर प्रदेश, मध्



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